Monday, 3 October 2011
पहले रास्ते नहीं बनाये जाते . कदम उठाये जाते है. महत्वपूर्ण तो पहला कदम ही होता है जो आखिरी कदम तक कासलीका तय करता है और पहले कदम से अंतिम कदम का रिश्ता तो अपने आप बन जाता है.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment